सूरह अस-साफ़्फ़ात

أَلَآ إِنَّهُم مِّنْ إِفْكِهِمْ لَيَقُولُونَ

Alā innahum min ifkihim layaqūlūn(a).

सुन लो, निश्चय ही वे अपनी मनघड़ंत कहते है

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