सूरह अस-साफ़्फ़ात

وَجَعَلْنَا ذُرِّيَّتَهُۥ هُمُ ٱلْبَاقِينَ

Wa ja‘alnā żurriyyatahū humul-bāqīn(a).

और हमने उसकी सतति (औलाद व अनुयायी) ही को बाक़ी रखा

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