सूरह अस-साफ़्फ़ात

۞ فَنَبَذْنَـٰهُ بِٱلْعَرَآءِ وَهُوَ سَقِيمٌ

Fa nabażnāhu bil-‘arā'i wa huwa saqīm(un).

अन्ततः हमने उसे इस दशा में कि वह निढ़ाल था, साफ़ मैदान में डाल दिया।

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