सूरह अस-साफ़्फ़ात

فَلَوْلَآ أَنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلْمُسَبِّحِينَ

Falau lā annahū kāna minal-musabbiḥīn(a).

अब यदि वह तसबीह करनेवाला न होता

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