सूरह अस-साफ़्फ़ात

وَأَنۢبَتْنَا عَلَيْهِ شَجَرَةً مِّن يَقْطِينٍ

Wa ambatnā ‘alaihi syajaratam miy yaqṭīn(in).

हमने उसपर बेलदार वृक्ष उगाया था

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