सूरह अस-साफ़्फ़ात

فَكَفَرُوا۟ بِهِۦ ۖ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ

Fa kafarū bih(ī), fasaufa ya‘lamūn(a).

किन्तु उन्होंने इनकार कर दिया, तो अब जल्द ही वे जान लेंगे

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