सूरह यूसुफ

وَمَا يُؤْمِنُ أَكْثَرُهُم بِٱللَّهِ إِلَّا وَهُم مُّشْرِكُونَ

Wa mā yu'minu akṡaruhum billāhi illā wa hum musyrikūn(a).

इनमें अधिकतर लोग अल्लाह को मानते भी है तो इस तरह कि वे साझी भी ठहराते है

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