सूरह यूसुफ
قَالَ هَلْ ءَامَنُكُمْ عَلَيْهِ إِلَّا كَمَآ أَمِنتُكُمْ عَلَىٰٓ أَخِيهِ مِن قَبْلُ ۖ فَٱللَّهُ خَيْرٌ حَـٰفِظًا ۖ وَهُوَ أَرْحَمُ ٱلرَّٰحِمِينَ
Qāla hal āmanukum ‘alaihi illā kamā amintukum ‘alā akhīhi min qabl(u), fallāhu khairun ḥāfiẓaw wa huwa arḥamur-rāḥimīn(a).
उसने कहा, "क्या मैं उसके मामले में तुमपर वैसा ही भरोसा करूँ जैसा इससे पहले उसके भाई के मामले में तुमपर भरोसा कर चुका हूँ? हाँ, अल्लाह ही सबसे अच्छ रक्षक है और वह सबसे बढ़कर दयावान है।"
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