सूरह यूसुफ

وَلَأَجْرُ ٱلْـَٔاخِرَةِ خَيْرٌ لِّلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَكَانُوا۟ يَتَّقُونَ

Wa la'ajrul-ākhirati khairul lil-lażīna āmanū wa kānū yattaqūn(a).

और ईमान लानेवालों और डर रखनेवालों के लिए आख़िरत का बदला इससे कहीं उत्तम है

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