सूरह यूसुफ
فَلَمَّا جَهَّزَهُم بِجَهَازِهِمْ جَعَلَ ٱلسِّقَايَةَ فِى رَحْلِ أَخِيهِ ثُمَّ أَذَّنَ مُؤَذِّنٌ أَيَّتُهَا ٱلْعِيرُ إِنَّكُمْ لَسَـٰرِقُونَ
Falammā jahhazahum bijahāzihim ja‘las-siqāyata fī raḥli akhīhi ṡumma ażżana mu'ażżinun ayyatuhal-‘īru innakum lasāriqūn(a).
फिर जब उनका सामान तैयार कर दिया तो अपने भाई के सामान में पानी पीने का प्याला रख दिया। फिर एक पुकारनेवाले ने पुकारकर कहा, "ऐ क़ाफ़िलेवालो! निश्चय ही तुम चोर हो।"
📝 टिप्पणी
375) यहाँ जिस कटोरे (प्याले) का उल्लेख है, वह सोने का बना हुआ एक बर्तन था जो पीने के काम आता था और इसका उपयोग अनाज नापने (पैमाने) के लिए भी किया जा सकता था।