सूरह यूसुफ

قَالَ هِىَ رَٰوَدَتْنِى عَن نَّفْسِى ۚ وَشَهِدَ شَاهِدٌ مِّنْ أَهْلِهَآ إِن كَانَ قَمِيصُهُۥ قُدَّ مِن قُبُلٍ فَصَدَقَتْ وَهُوَ مِنَ ٱلْكَـٰذِبِينَ

Qāla hiya rāwadatnī ‘an nafsī wa syahida syāhidum min ahlihā, in kāna qamīṣuhū qudda min qubulin fa ṣadaqat wa huwa minal-kāżibīn(a).

उसने कहा, "यही मुझपर डोरे डाल रही थी।" उस स्त्री के लोगों में से एक गवाह ने गवाही दी, "यदि इसका कुर्ता आगे से फटा है तो यह सच्ची है और यह झूठा है,

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