सूरह यूसुफ
قَالُوا۟ لَئِنْ أَكَلَهُ ٱلذِّئْبُ وَنَحْنُ عُصْبَةٌ إِنَّآ إِذًا لَّخَـٰسِرُونَ
Qālū la'in akalahuż-żi'bu wa naḥnu ‘uṣbatun innā iżal lakhāsirūn(a).
वे बोले, "हमारे एक जत्थे के होते हुए भी यदि उसे भेड़िए ने खा लिया, तब तो निश्चय ही हम सब कुछ गँवा बैठे।"
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366) इसका अर्थ एक ऐसा कायर इंसान बन जाना है जिसके जीवन का कोई महत्व या अर्थ न हो।
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