सूरह यूसुफ

ٱقْتُلُوا۟ يُوسُفَ أَوِ ٱطْرَحُوهُ أَرْضًا يَخْلُ لَكُمْ وَجْهُ أَبِيكُمْ وَتَكُونُوا۟ مِنۢ بَعْدِهِۦ قَوْمًا صَـٰلِحِينَ

Uqtulū yūsufa awiṭraḥūhu arḍay yakhlu lakum wajhu abīkum wa takūnū mim ba‘dihī qauman ṣāliḥīn(a).

यूसुफ़ को मार डालो या उसे किसी भूभाग में फेंक आओ, ताकि तुम्हारे बाप का ध्यान केवल तुम्हारी ही ओर हो जाए। इसके पश्चात तुम फिर नेक बन जाना।"

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