सूरह यूसुफ

قَالُوٓا۟ أَضْغَـٰثُ أَحْلَـٰمٍ ۖ وَمَا نَحْنُ بِتَأْوِيلِ ٱلْأَحْلَـٰمِ بِعَـٰلِمِينَ

Qālū aḍgāṡu aḥlām(in), wa mā naḥnu bita'wīlil-aḥlāmi bi‘ālimīn(a).

उन्होंने कहा, "ये तो सम्भ्रमित स्वप्न है। हम ऐसे स्वप्न का अर्थ नहीं जानते।"

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