सूरह अल-कहफ़

ٱلَّذِينَ كَانَتْ أَعْيُنُهُمْ فِى غِطَآءٍ عَن ذِكْرِى وَكَانُوا۟ لَا يَسْتَطِيعُونَ سَمْعًا

Allażīna kānat a‘yunuhum fī giṭā'in ‘an żikrī wa kānū lā yastaṭī‘ūna sam‘ā(n).

जिनके नेत्र मेरी अनुस्मृति की ओर से परदे में थे और जो कुछ सुन भी नहीं सकते थे

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