सूरह अल-कहफ़

فَمَا ٱسْطَـٰعُوٓا۟ أَن يَظْهَرُوهُ وَمَا ٱسْتَطَـٰعُوا۟ لَهُۥ نَقْبًا

Famasṭā‘ū ay yaẓharūhu wa mastaṭā‘ū lahū naqbā(n).

तो न तो वे (याजूज, माजूज) उसपर चढ़कर आ सकते थे और न वे उसमें सेंध ही लगा सकते थे

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