सूरह अल-कहफ़
فَضَرَبْنَا عَلَىٰٓ ءَاذَانِهِمْ فِى ٱلْكَهْفِ سِنِينَ عَدَدًا
Faḍarabnā ‘alā āżānihim fil-kahfi sinīna ‘adadā(n).
फिर हमने उस गुफा में कई वर्षो के लिए उनके कानों पर परदा डाल दिया
📝 टिप्पणी
444) अल्लाह सुब्हानहू व तआला ने उन्हें उस गुफ़ा में 309 चान्द्र वर्ष (क़मरी साल) तक सुलाए रखा (देखें इस सूरह की आयत 25) जिससे कि वे किसी भी आवाज़ से जाग न सकें।
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