सूरह अल-कहफ़

مَّا لَهُم بِهِۦ مِنْ عِلْمٍ وَلَا لِـَٔابَآئِهِمْ ۚ كَبُرَتْ كَلِمَةً تَخْرُجُ مِنْ أَفْوَٰهِهِمْ ۚ إِن يَقُولُونَ إِلَّا كَذِبًا

Mā lahum bihī min ‘ilmiw wa lā li'ābā'ihim, kaburat kalimatan takhruju min afwāhihim, iy yaqūlūna illā każibā(n).

इसका न उन्हें कोई ज्ञान है और न उनके बाप-दादा ही को था। बड़ी बात है जो उनके मुँह से निकलती है। वे केवल झूठ बोलते है

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