सूरह अल-कहफ़
قُل لَّوْ كَانَ ٱلْبَحْرُ مِدَادًا لِّكَلِمَـٰتِ رَبِّى لَنَفِدَ ٱلْبَحْرُ قَبْلَ أَن تَنفَدَ كَلِمَـٰتُ رَبِّى وَلَوْ جِئْنَا بِمِثْلِهِۦ مَدَدًا
Qul lau kānal-baḥru midādal likalimāti rabbī lanafidal-baḥru qabla an tanfada kalimāṭu rabbī wa lau ji'nā bimiṡlihī madadā(n).
कहो, "यदि समुद्र मेरे रब के बोल को लिखने के लिए रोशनाई हो जाए तो इससे पहले कि मेरे रब के बोल समाप्त हों, समुद्र ही समाप्त हो जाएगा। यद्यपि हम उसके सदृश्य एक और भी समुद्र उसके साथ ला मिलाएँ।"
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