सूरह अल-कहफ़

قَالَ هَـٰذَا رَحْمَةٌ مِّن رَّبِّى ۖ فَإِذَا جَآءَ وَعْدُ رَبِّى جَعَلَهُۥ دَكَّآءَ ۖ وَكَانَ وَعْدُ رَبِّى حَقًّا

Qāla hāżā raḥmatum mir rabbī, fa iżā jā'a wa‘du rabbī ja‘alahū dakkā'(a), wa kāna wa‘du rabbī ḥaqqā(n).

उसने कहा, "यह मेरे रब की दयालुता है, किन्तु जब मेरे रब के वादे का समय आ जाएगा तो वह उसे ढाकर बराबर कर देगा, और मेरे रब का वादा सच्चा है।"

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