सूरह अल-कहफ़

وَيَوْمَ يَقُولُ نَادُوا۟ شُرَكَآءِىَ ٱلَّذِينَ زَعَمْتُمْ فَدَعَوْهُمْ فَلَمْ يَسْتَجِيبُوا۟ لَهُمْ وَجَعَلْنَا بَيْنَهُم مَّوْبِقًا

Wa yauma yaqūlu nādū syurakā'iyal-lażīna za‘amtum fa da‘auhum falam yastajībū lahum wa ja‘alnā bainahum maubiqā(n).

याद करो जिस दिन वह कहेगा, "बुलाओ मेरे साझीदारों को, जिनके साझीदार होने का तुम्हें दावा था।" तो वे उनको पुकारेंगे, किन्तु वे उन्हें कोई उत्तर न देंगे और हम उनके बीच सामूहिक विनाश-स्थल निर्धारित कर देंगे

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