सूरह अल-कहफ़

فَلَعَلَّكَ بَـٰخِعٌ نَّفْسَكَ عَلَىٰٓ ءَاثَـٰرِهِمْ إِن لَّمْ يُؤْمِنُوا۟ بِهَـٰذَا ٱلْحَدِيثِ أَسَفًا

Fa la‘allaka bākhi‘un nafsaka ‘alā āṡārihim illam yu'minū bihāżal-ḥadīṡi asafā(n).

अच्छा, शायद उनके पीछे, यदि उन्होंने यह बात न मानी तो तुम अफ़सोस के मारे अपने प्राण ही खो दोगे!

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